दबंग आवाज

मैं शव नहीं जो केवल नदी की धारा के साथ बहूं -

136 Posts

703 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2646 postid : 783063

पता नहीं..

  • SocialTwist Tell-a-Friend

मुक्तिबोध के निर्वाण दिवस(11सितम्बर)पर विनम्र श्रद्धांजली स्वरूप…

पता नहीं..

जारी है नारी देह की आदि तलाश
इसके लिए किये जाते हैं अनन्य जतन
कभी बहलाकर, कभी फुसलाकर,
कभी रिश्ते बनाकर,
कभी रिश्ते तोड़कर,
कभी डराकर, कभी धमकाकर
कभी मृत्यु का भय दिखाकर
कभी मृत्यु तक पहुंचाकर,
जारी रहती है नारी देह की यह आदिम तलाश
आदम को हव्वा कभी की मिल चुकी है
और सबके पास हैं अपनी अपनी हव्वा
पर कभी रुकेगी क्या देह की ये तलाश
पता नहीं…

अरुण कान्त शुक्ला, 10/9/2014

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



latest from jagran